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शौचालय का वास्तु: सही दिशा, दोष और उपाय

शौचालय से गंदगी बाहर जाती है, इसलिए वास्तु में इसे पवित्र उत्तर-पूर्व, स्थिर दक्षिण-पश्चिम और खुले केंद्र से दूर रखा जाता है। उत्तर-पश्चिम और पश्चिम सबसे अच्छे हैं। गलत दिशा में शौचालय फ्लैटों में सबसे आम वास्तु दोषों में से एक है, और ज्यादातर आसान उपायों से कम किया जा सकता है।

उत्तर ↑उत्तर-पश्चिमअच्छाउत्तरछोटा दोषउत्तर-पूर्वबड़ा दोषपश्चिमअच्छाकेंद्रबड़ा दोषपूर्वछोटा दोषदक्षिण-पश्चिमबड़ा दोषदक्षिणछोटा दोषदक्षिण-पूर्वबड़ा दोष

एक नज़र में

सबसे अच्छी
पश्चिम और उत्तर-पश्चिम
ठीक (छोटा दोष)
उत्तर, पूर्व और दक्षिण
न रखें (बड़ा दोष)
उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और केंद्र

हर दिशा में शौचालय

शौचालय गलत दिशा में हो तो उपाय

पहले आसान उपायों से शुरू करें। बड़े बदलाव मुख्य रूप से उन घरों के लिए हैं जिनका डिज़ाइन अभी बन रहा है।

उत्तर-पूर्व में शौचालय

  • सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं

    दरवाज़ा बंद रखें और समुद्री नमक रखें

    शौचालय का दरवाज़ा और ढक्कन हमेशा बंद रखें। अंदर समुद्री नमक का एक कटोरा रखें और हर हफ्ते बदलें।

  • मध्यम · थोड़ा काम

    हल्के रंग और हवा का प्रवाह

    सफेद या हल्के क्रीम रंग लगाएं, हर लीकेज ठीक करें, और कमरा सूखा रखने के लिए अच्छा एग्ज़ॉस्ट फैन लगाएं।

  • संरचनात्मक · दीवार या दरवाज़ा

    शौचालय की जगह बदलें

    डिज़ाइन या मरम्मत करते समय शौचालय को उत्तर-पश्चिम या पश्चिम क्षेत्र में ले जाएं।

दक्षिण-पूर्व में शौचालय

  • सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं

    सूखा और बंद रखें

    शौचालय सूखा और दरवाज़ा बंद रखें। अंदर समुद्री नमक का कटोरा रखें, जिसे हर हफ्ते बदलें।

  • संरचनात्मक · दीवार या दरवाज़ा

    शौचालय की जगह बदलें

    डिज़ाइन या मरम्मत करते समय शौचालय को उत्तर-पश्चिम या पश्चिम क्षेत्र में ले जाएं।

दक्षिण-पश्चिम में शौचालय

  • सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं

    बंद और साफ रखें

    दरवाज़ा और ढक्कन बंद रखें, फर्श सूखा रखें, और अंदर समुद्री नमक का कटोरा रखें जिसे हर हफ्ते बदलें।

  • मध्यम · थोड़ा काम

    मिट्टी जैसे रंगों का उपयोग करें

    बेज या क्रीम जैसे हल्के मिट्टी के रंग लगाएं, और लीकेज तुरंत ठीक करें।

  • संरचनात्मक · दीवार या दरवाज़ा

    शौचालय की जगह बदलें

    डिज़ाइन या मरम्मत करते समय शौचालय को उत्तर-पश्चिम या पश्चिम क्षेत्र में ले जाएं।

केंद्र में शौचालय

  • सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं

    एकदम साफ और बंद रखें

    घर का केंद्र पवित्र रहना चाहिए। शौचालय बहुत साफ रखें और दरवाज़ा हमेशा बंद रखें।

  • मध्यम · थोड़ा काम

    रोशनी और हवा बढ़ाएं

    अच्छा वेंटिलेशन और रोशनी रखें, और सफेद या हल्के रंग लगाएं।

  • संरचनात्मक · दीवार या दरवाज़ा

    केंद्र खुला रखें

    डिज़ाइन या मरम्मत करते समय केंद्र (ब्रह्मस्थान) खुला रखें और शौचालय को उत्तर-पश्चिम या पश्चिम में ले जाएं।

किसी भी दूसरी गलत दिशा के लिए

  • सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं

    बंद और साफ रखें

    शौचालय का दरवाज़ा और ढक्कन बंद और फर्श सूखा रखें। अंदर समुद्री नमक का कटोरा रखें, जिसे हर हफ्ते बदलें।

रखने के सुझाव

दरवाज़ा बंद और ढक्कन नीचे रखें, और फर्श सूखा रखें।

सुझाए गए रंग

सफेद, क्रीम या हल्का ग्रे

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वास्तु के अनुसार शौचालय के लिए कौन सी दिशा सबसे अच्छी है?

सबसे अच्छी दिशा: पश्चिम और उत्तर-पश्चिम। ठीक, पर छोटा दोष: उत्तर, पूर्व और दक्षिण। बड़ा दोष, इनसे बचें: उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और केंद्र।

क्या उत्तर-पूर्व में शौचालय होना खराब है?

वास्तु में, हाँ। यहां शौचालय पारंपरिक रूप से स्वास्थ्य या बचत की हानि से जोड़ा जाता है। उत्तर-पश्चिम या पश्चिम बेहतर हैं। इसे बड़ा दोष माना जाता है। ऊपर दिए उपाय इसे कम कर सकते हैं, और कई उपायों में तोड़-फोड़ की जरूरत नहीं।

क्या शौचालय का वास्तु दोष बिना दीवार तोड़े ठीक हो सकता है?

ज्यादातर हाँ। मुंह किस ओर करके बैठें, भारी सामान कहां रखें, रंग और साफ-सफाई जैसे आसान उपाय आज ही किए जा सकते हैं। कमरे, दरवाज़े या दीवार बदलना मुख्य रूप से उन घरों के लिए है जिनका डिज़ाइन या मरम्मत हो रही है।

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पारंपरिक वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित। केवल मार्गदर्शन के लिए, यह संरचनात्मक या इंजीनियरिंग सलाह नहीं है।