पूजा घर का वास्तु: सही दिशा, दोष और उपाय
उत्तर-पूर्व, जिसे ईशान कहते हैं, घर का सबसे पवित्र क्षेत्र है और पूजा के लिए सबसे अच्छी जगह है। पूर्व और उत्तर भी अच्छे हैं। नीचे देखें कि पूजा घर या घर के मंदिर के लिए हर दिशा कैसी है, और अगर आपका मंदिर कहीं और है तो क्या करें।
एक नज़र में
- सबसे अच्छी
- उत्तर, उत्तर-पूर्व और पूर्व
- ठीक (छोटा दोष)
- पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और केंद्र
- न रखें (बड़ा दोष)
- दक्षिण-पूर्व, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम
हर दिशा में पूजा घर
उत्तर
अच्छाउत्तर-पूर्व (ईशान) सबसे पवित्र क्षेत्र है, पूजा के लिए आदर्श।
उत्तर-पूर्व (ईशान)
अच्छाउत्तर-पूर्व (ईशान) सबसे पवित्र क्षेत्र है, पूजा के लिए आदर्श।
पूर्व
अच्छाउत्तर-पूर्व (ईशान) सबसे पवित्र क्षेत्र है, पूजा के लिए आदर्श।
दक्षिण-पूर्व (आग्नेय)
बड़ा दोषइस क्षेत्र में पूजा की सलाह नहीं दी जाती। उत्तर-पूर्व आदर्श है।
असर: स्वास्थ्य, रिश्ते
दक्षिण
बड़ा दोषइस क्षेत्र में पूजा की सलाह नहीं दी जाती। उत्तर-पूर्व आदर्श है।
असर: स्वास्थ्य, रिश्ते
दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)
बड़ा दोषइस क्षेत्र में पूजा की सलाह नहीं दी जाती। उत्तर-पूर्व आदर्श है।
असर: स्वास्थ्य, रिश्ते
पश्चिम
छोटा दोषइस क्षेत्र में पूजा की सलाह नहीं दी जाती। उत्तर-पूर्व आदर्श है।
असर: स्वास्थ्य, रिश्ते
उत्तर-पश्चिम (वायव्य)
छोटा दोषइस क्षेत्र में पूजा की सलाह नहीं दी जाती। उत्तर-पूर्व आदर्श है।
असर: स्वास्थ्य, रिश्ते
केंद्र (ब्रह्मस्थान)
छोटा दोषइस क्षेत्र में पूजा की सलाह नहीं दी जाती। उत्तर-पूर्व आदर्श है।
असर: स्वास्थ्य, रिश्ते
पूजा घर गलत दिशा में हो तो उपाय
पहले आसान उपायों से शुरू करें। बड़े बदलाव मुख्य रूप से उन घरों के लिए हैं जिनका डिज़ाइन अभी बन रहा है।
दक्षिण में पूजा घर
सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं
पूर्व की ओर मुंह करके पूजा करें
मूर्तियां ऐसे रखें कि पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर की ओर हो।
दक्षिण-पश्चिम में पूजा घर
सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं
पूर्व की ओर मुंह करके पूजा करें
मूर्तियां ऐसे रखें कि पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर की ओर हो।
संरचनात्मक · दीवार या दरवाज़ा
पूजा की जगह बदलें
डिज़ाइन या मरम्मत करते समय पूजा घर उत्तर-पूर्व में बनाएं।
किसी भी दूसरी गलत दिशा के लिए
सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं
पूर्व की ओर मुंह करके पूजा करें
मूर्तियां ऐसे रखें कि पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर की ओर हो। जगह साफ रखें।
रखने के सुझाव
पूजा करते समय मुंह पूर्व या उत्तर की ओर रखें। मूर्तियां ज़मीन पर नहीं, ऊंचे आसन पर रखें।
सुझाए गए रंग
सफेद, हल्का पीला या हल्का नीला
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वास्तु के अनुसार पूजा घर के लिए कौन सी दिशा सबसे अच्छी है?
सबसे अच्छी दिशा: उत्तर, उत्तर-पूर्व और पूर्व। ठीक, पर छोटा दोष: पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और केंद्र। बड़ा दोष, इनसे बचें: दक्षिण-पूर्व, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम।
क्या दक्षिण-पूर्व में पूजा घर होना खराब है?
वास्तु में, हाँ। इस क्षेत्र में पूजा की सलाह नहीं दी जाती। उत्तर-पूर्व आदर्श है। इसे बड़ा दोष माना जाता है। ऊपर दिए उपाय इसे कम कर सकते हैं, और कई उपायों में तोड़-फोड़ की जरूरत नहीं।
क्या पूजा घर का वास्तु दोष बिना दीवार तोड़े ठीक हो सकता है?
ज्यादातर हाँ। मुंह किस ओर करके बैठें, भारी सामान कहां रखें, रंग और साफ-सफाई जैसे आसान उपाय आज ही किए जा सकते हैं। कमरे, दरवाज़े या दीवार बदलना मुख्य रूप से उन घरों के लिए है जिनका डिज़ाइन या मरम्मत हो रही है।
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फ्लोर प्लान अपलोड करेंपारंपरिक वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित। केवल मार्गदर्शन के लिए, यह संरचनात्मक या इंजीनियरिंग सलाह नहीं है।