मुख्य द्वार का वास्तु: सही दिशा, दोष और उपाय
मुख्य द्वार से घर में ऊर्जा और अवसर आते हैं। वास्तु में उत्तर, उत्तर-पूर्व और पूर्व से प्रवेश अच्छा माना जाता है। दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के प्रवेश द्वार चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं, पर इन्हें संतुलित करने के आसान तरीके हैं।
एक नज़र में
- सबसे अच्छी
- उत्तर, उत्तर-पूर्व और पूर्व
- ठीक (छोटा दोष)
- दक्षिण-पूर्व, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम
- न रखें (बड़ा दोष)
- दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम
हर दिशा में मुख्य द्वार
उत्तर
अच्छाइस दिशा से प्रवेश सकारात्मक ऊर्जा और अवसरों का स्वागत करता है।
उत्तर-पूर्व (ईशान)
अच्छाइस दिशा से प्रवेश सकारात्मक ऊर्जा और अवसरों का स्वागत करता है।
पूर्व
अच्छाइस दिशा से प्रवेश सकारात्मक ऊर्जा और अवसरों का स्वागत करता है।
दक्षिण-पूर्व (आग्नेय)
छोटा दोषइस दिशा से प्रवेश पारंपरिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
असर: धन, करियर
दक्षिण
बड़ा दोषइस दिशा से प्रवेश पारंपरिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
असर: धन, करियर
दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)
बड़ा दोषइस दिशा से प्रवेश पारंपरिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
असर: धन, करियर
पश्चिम
छोटा दोषइस दिशा से प्रवेश पारंपरिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
असर: धन, करियर
उत्तर-पश्चिम (वायव्य)
छोटा दोषइस दिशा से प्रवेश पारंपरिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
असर: धन, करियर
मुख्य द्वार गलत दिशा में हो तो उपाय
पहले आसान उपायों से शुरू करें। बड़े बदलाव मुख्य रूप से उन घरों के लिए हैं जिनका डिज़ाइन अभी बन रहा है।
दक्षिण में मुख्य द्वार
सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं
प्रवेश द्वार रोशन रखें
मुख्य द्वार की जगह अच्छी रोशनी वाली और साफ रखें, और नेमप्लेट व साफ डोरमैट रखें।
मध्यम · थोड़ा काम
दहलीज़ लगाएं
मुख्य द्वार पर लकड़ी या मार्बल की उठी हुई दहलीज़ लगाएं।
दक्षिण-पश्चिम में मुख्य द्वार
सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं
प्रवेश द्वार रोशन रखें
मुख्य द्वार की जगह अच्छी रोशनी वाली, साफ और खाली रखें।
मध्यम · थोड़ा काम
दहलीज़ लगाएं
मुख्य द्वार पर उठी हुई दहलीज़ लगाएं और दरवाज़ा अच्छी हालत में रखें।
संरचनात्मक · दीवार या दरवाज़ा
मुख्य द्वार की जगह बदलें
डिज़ाइन करते समय मुख्य द्वार उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व की ओर रखें।
किसी भी दूसरी गलत दिशा के लिए
सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं
प्रवेश द्वार स्वागत योग्य रखें
मुख्य द्वार अच्छी रोशनी वाला, साफ और अच्छी हालत में रखें, नेमप्लेट और साफ डोरमैट के साथ।
रखने के सुझाव
मुख्य द्वार अच्छी रोशनी वाला, साफ और अच्छी हालत में रखें।
सुझाए गए रंग
गर्म सफेद या हल्का पीला
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार के लिए कौन सी दिशा सबसे अच्छी है?
सबसे अच्छी दिशा: उत्तर, उत्तर-पूर्व और पूर्व। ठीक, पर छोटा दोष: दक्षिण-पूर्व, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम। बड़ा दोष, इनसे बचें: दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम।
क्या दक्षिण में मुख्य द्वार होना खराब है?
वास्तु में, हाँ। इस दिशा से प्रवेश पारंपरिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसे बड़ा दोष माना जाता है। ऊपर दिए उपाय इसे कम कर सकते हैं, और कई उपायों में तोड़-फोड़ की जरूरत नहीं।
क्या मुख्य द्वार का वास्तु दोष बिना दीवार तोड़े ठीक हो सकता है?
ज्यादातर हाँ। मुंह किस ओर करके बैठें, भारी सामान कहां रखें, रंग और साफ-सफाई जैसे आसान उपाय आज ही किए जा सकते हैं। कमरे, दरवाज़े या दीवार बदलना मुख्य रूप से उन घरों के लिए है जिनका डिज़ाइन या मरम्मत हो रही है।
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फ्लोर प्लान अपलोड करेंपारंपरिक वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित। केवल मार्गदर्शन के लिए, यह संरचनात्मक या इंजीनियरिंग सलाह नहीं है।